समाज में शराबी के रुप में आपकी पहचान को ख़त्म करने मे होम्योपैथी उपचार एक वरदान।

शराब का सेवन ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज और स्वास्थ्य हानि के प्रमुख कारणों में से एक है। वर्ष 2016 में यह मौतों से जुड़े जोखिम कारणों में से सातवें स्थान पर था। साल 2019 के एक सर्वे में पाया गया कि 10-75 साल के बीच के सात में से एक भारतीय शराब का सेवन करता है। भारतीयों को हार्ड शराब बहुत पसंद है। अत्यधिक शराब पीने से यह दुनिया में मादक पेय पदार्थों के लिए चीन और रूस के बाद तीसरा सबसे बड़ा बाजार बन जाता है। लेकिन, शराब की यह लत सेहत और पर्सनैलिटी पर नकारात्मक असर डालती है। स्वास्थ्य पर, यह चोटों (जैसे गिरना, कार्यस्थल दुर्घटनाएं मोटर वाहन दुर्घटनाएं, पुरानी बीमारियां (जैसे लीवर सिरोसिस, स्ट्रोक, मनोभ्रंश, हृदय रोग), कैंसर (जैसे स्तन, मलाशय, यकृत) का कारण बनता है। समाज में इस शख्सियत की पहचान शराबी नाम से होती है। शराब पीने की इस लत के कारण आर्थिक नुकसान होता है क्योंकि शराब पीने वाला व्यक्ति शराब न मिलने पर अपना घर, संपत्ति बेच देता है। क्योंकि इस लत के कारण वह  मस्तिष्क के प्रति जागरूक नहीं होता है तथा वह अपने काम पर ध्यान नही दे पाता है।
      जैसे-जैसे वह भारी मात्रा में और बार-बार शराब पीते हैं, वैसे वैसे उसका शरीर शारीरिक रूप से शराब पर निर्भर हो जाता है और यदि वह शराब पीना बंद कर देते हैं तो यह शराब छोड़ने की प्रक्रिया से गुजरता है। शराब छोड़ने के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक होते हैं, और इसमें शामिल हैं: सिरदर्द, कंपकंपी, पसीना आना, मतली या उल्टी, चिंता और बेचैनी, पेट में ऐंठन और दस्त, सोने या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी, हृदय गति और रक्तचाप में वृद्धि।
     होम्योपैथिक चिकित्सा प्रणाली उपर्युक्त लक्षणों में जल्दी सुधार करेगी और शराब पीने वालों को सबसे विश्वसनीय और सबसे हानि रहित तरीके से स्वास्थ्य की स्थायी बहाली प्रदान करेगी। शराब छोड़ने के लिए उसको तथा वापिस मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की ओर लौटने के लिए एक लंबे और कठिन तरीके से लत पर काबू पाने की जरूरत है। कभी-कभी, यह असंभव भी लग सकता है लेकिन ऐसा नहीं है। इस राह पर चलने के लिए पहला कदम है अपने मन को व्यसन त्यागने के लिए तैयार करना। परिवर्तन के शुरुआती चरणों में, इनकार करना ही एक बड़ी बाधा है। परंतु आपका लक्ष्य विशिष्ट, यथार्थवादी और स्पष्ट होना चाहिए।
अब आप एक मूल्यांकन करें जिसमे आप शराब पीने की लाभ तथा नुकसान पर मूलयांकन करे। नतीजा यही निकलेगा की पीने की कीमत फायदे से कहीं ज्यादा है।
                        डॉ. ऊषा कुशवाह (एम डी होम्योपैथिक मेडिसिन)                                    प्रभारी चिकित्साधिकारी, राजकीय                                                    होम्योपैथिक चिकित्सालय,
                                             दत्तियाना बिजनौर
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